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Thursday, December 30, 2010

आइए कुछ ऐसे करें नव वर्ष का स्वागत

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*नया वर्ष नयी शुरुआत
*आइए कुछ ऐसे करें नव वर्ष का स्वागत
* नये वर्ष की पूर्व संध्या प्रभु नाम का स्मरण करें , गुण्गान करें ,गुरुबंदना करें ,घर के बडे बुजुर्गों का आशीष लेकर नववर्ष का स्वागत करें !
*नये वर्ष में प्रतिदिन सूर्य नमस्कार ,माता पिता के चरण स्पर्श ,गुरुवण्दना ,ऐव पूजा पाठ आदि करने क नियम बनाएं !
*स्कूल , कालेज , कार्यालय , व्यापार आदि में संलगन होने से पूर्व भगवान ,का और गुरु का ध्यान अवश्य करें !
*अपने व्यस्त समय में से कुछ समय घर के बच्चों को और बुजुर्गों के साथ हसने और बोलने के लिए अवश्य निकालें !
*स्वाध्याय के नाम पर प्रतिदिन एक चैप्टर ,पृष्ठ ,पैरा,अथवा एक लाईन किसी धार्मिक ग्रन्थ की अवश्य पढें !
*अगर सत्संग का कोई संयोग बनता हे तो वहां जरुर पहुंचें ,गुरुज्ञान और प्रभु ध्यान को महत्व दें !
*दीन , दुखी ,बीमार ,अनाथ , मजदूर और बेबस कोई मिले तो उससे पीठ न फेंरें, जो सेवा सहायता कर सकते हें , वह अवश्य करें !
*रात्रि में शयन से पूर्व आत्मनिरीक्षण करें !अगर कोई भूल हुई हो तो उसका दोहराव न होने पाए और अगर कोई अच्छाई हुई तो उसे पुन: दोहराने क्रे लिए सकल्पित हों !

जीवन संचेतना जनवरी 1910

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Madan Gopal Garga द्वारा DELHI (VISHWAJAGRITI MISSION ) के लिए 12/01/2010 03:14:00 PM को पोस्ट किया गया

Tuesday, December 28, 2010

दया धर्म का मूल हे


दया धर्म का मूल हे ,पाप मूल अभिमान ,
तुलसी दया न छोडिए , जब लग घाट में प्राण !


जब में था हरी नहीं ,हरी हें में नहीं ,
प्रेम गली अति सांकरी, जा में दो न समाए!

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Posted By Madan Gopal Garga to DOHE AND CHOPAI Param Pujay SUDHANSHUJI Maharaj ke pravachano se liye at 12/28/2010 02:53:00 PM

अपना काम स्वयं करना

----- Original Message -----
Sent: Tuesday, December 28, 2010 2:02 PM
Subject: Fwd: [Bhilai Mandal (Vishwa Jagriti Mission)] हरी ॐ


---------- Forwarded message ----------
From: Rashmi <rash2585@gmail.com>
Date: 2010/9/16
Subject: [Bhilai Mandal (Vishwa Jagriti Mission)] हरी ॐ
To: mggarga1932@gmail.com



अपना काम स्वयं करना। फूल बाटोगे तो सुगंध हांथ में लगेगी, कांटे पकड़ोगे तो स्वयं को भी चुभन होगी।
अपने आपको निराश न बनाओ, नीचे ना गिराओ।

--
Posted By Rashmi to Bhilai Mandal (Vishwa Jagriti Mission) at 9/16/2010 08:40:00 PM

Monday, December 27, 2010

: jiggyassa

----- Original Message -----
From: mggarga
Sent: Monday, December 27, 2010 10:27 AM
Subject: jiggyassa


visit the folloing blog you will findanswers to question of desiples & samadhaan of Guruji visit daily one question & answer daiky
mggarga-kalyan

Saturday, December 25, 2010

शिव नाम मंगलमय

----- Original Message -----
Sent: Friday, December 24, 2010 6:46 PM
Subject: [ANANDDHAM.ORG established by Param Pujay SUDHANSHUJI Maharaj] shivshankar





शिव नाम मंगलमय तो हे ही शांती देनेवाला भी हे ! जहां हर रूप मैं मंगल हों शांती हों वहां शिव हें ! शिव क्रपा से घर मैं धन ,सुख ,आता हे और मेल मिलाप रहता हे !

--
Posted By Madan Gopal Garga to ANANDDHAM.ORG established by Param Pujay SUDHANSHUJI Maharaj at 12/24/2010 06:46:00 PM

Tuesday, December 21, 2010

चार चीजे याद रखो

----- Original Message -----
Sent: Tuesday, December 21, 2010 11:41 AM
Subject: [GURUMATA] चार चीजे याद रखो



चार चीजे याद रखो 
१]फर्ज : अपना फर्ज घर के प्रति ,रिशतेदारो के प्रति ,समाज के प्रति ,देश के प्रातो निभाते चलो !
२]कर्ज : अपने सर पर कर्ज चढ़ने मत दो !
३]मर्ज: मर्ज को बढ़ने मत दो उसका फोरन इलाज करो !
४]अर्ज : भगवान के दरबार में रोज अर्ज करते रहो !

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Madan Gopal Garga द्वारा GURUMATA के लिए 12/21/2010 11:41:00 AM को पोस्ट किया गया

अपना फर्ज घर के प्रति

GURUMATA: चार चीजे याद रखो: "चार चीजे याद रखो १]फर्ज : अपना फर्ज घर के प्रति ,रिशतेदारो के प्रति ,समाज के प्रति ,देश के प्रति   निभाते चलो ! २]कर्ज : अपने सर पर क..."

Sunday, December 19, 2010

दुर्भाग्य

----- Original Message -----
Sent: Sunday, December 19, 2010 3:38 PM
Subject: [AMRIT VANI Good thoughts by Param Pujay SUDHANSHUJI Maharaj] दुर्भाग्य


जब दुर्भाग्य हों तो चमड़ी मोटी रखो ! सुनो सब की , मगर जबान पर नियंत्रण रखो और मजाक उड़ाने वालो को ज्यादा तवाजो मत दो ! सोचो यह समय भी गुजर जाएगा अच्छे दिन आ कर चले गए तो बुरे दिन भी चले जायेगे !

--
Posted By Madan Gopal Garga to AMRIT VANI Good thoughts by Param Pujay SUDHANSHUJI Maharaj at 12/19/2010 03:35:00 PM

प्रसन्नता

----- Original Message -----
Sent: Tuesday, December 07, 2010 10:31 AM
Subject: [GURUVAR SUDHANSHUJI MAHARAJ] प्रसन्नता

हमेशा प्रसन्न रहो ! मगर याद रखो कि प्रसन्नता कोई दे नहीं जाएगा ,बाजार से ,कहीं दुकान से मिलेगी भी नहीं ,उसे तो तुम को अपने अंदर से लानी होगी अपनी ईच्छाओं को अपने क्रोध को रोकना होगा तभी प्रसन्न रह पाओगे !

--
Madan Gopal Garga द्वारा GURUVAR SUDHANSHUJI MAHARAJ के लिए 12/07/2010 10:31:00 AM को पोस्ट किया गया

Friday, December 17, 2010

भगवान का नियम

----- Original Message -----
Sent: Friday, December 17, 2010 3:36 PM
Subject: [GURUVAR SUDHANSHUJI MAHARAJ] भगवान का नियम



भगवान का नियम भगवान से भी ऊपर ही ,भगवान् अपने नियम कभी नहीं तोड़ते ! भगवान से उनका नियम बदलने के लिए कभी प्रारथना मत करो ,उनके नियमो का पालन करो !

--
Madan Gopal Garga द्वारा GURUVAR SUDHANSHUJI MAHARAJ के लिए 12/17/2010 03:36:00 PM को पोस्ट किया गया

भगवान का नियम



भगवान का नियम भगवान से भी ऊपर ही ,भगवान् अपने नियम कभी नहीं तोड़ते ! भगवान से उनका नियम बदलने के लिए कभी प्रारथना मत करो ,उनके नियमो का पालन करो !

Thursday, December 16, 2010

गुरु

हरी रूठे ठोर हे , गुरु रूठे नहीं ठोर !
गुरु बिन माला फेरत ,
गुरु बिन करे दान ,
सब निशफल जात हे ,
कह गए वेद पुराण !  

Sunday, December 12, 2010

चिंतन

संग्रह के रोग को छोडकर भगवान की ओर जाने का प्रयास करें । उसकी कृपा मिल गई तो समझो सबकुछ मिल गया। यह हमेशा ध्यान रखें कि माल का संग्रह कर उसे सही-सलामत रखने में बहुत बड़ी चिंता होती है, जबकि माला फ़ेरकर प्रभु चिंतन करने में निश्चिंतता आती है। जहाँ निश्चिंतता है वही आनन्द और सुख-शांति है।

 

परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज  

Tuesday, December 7, 2010

निराशा

हम हमेशा डरते रहते  हें कि हम मिट न जाए , हम खो न जाए ,हमारा कुछ छिन  न जाए , कोई हमारा हुछ ले न ले ,हर समय दर में सहमे हुए हें ,चिंताओं में जी रहे हें ! याद रखो निराशा ,डर हमें खोखला कर देता हें इन से बचो ! 

प्रसन्नता

हमेशा प्रसन्न रहो ! मगर याद रखो कि प्रसन्नता कोई दे नहीं जाएगा ,बाजार से ,कहीं दुकान से मिलेगी भी नहीं ,उसे तो तुम को अपने अंदर से लानी होगी अपनी ईच्छाओं को अपने क्रोध को रोकना होगा तभी प्रसन्न रह पाओगे !

Friday, December 3, 2010

जन्म दिवस



3-12-2010




हरीऔम


जिनका आज जन्म दिवस हे या विवाह की सालगिरह हे उन सब को बहुत बहुत शुभाशीर्वाद

Thursday, December 2, 2010

Fw: अमृत वचन

 
Subject: अमृत वचन


जिसके पास धैर्य है वह जो कुछ इच्छा करता है उसे प्राप्त कर सकता है। धैर्य कडवा होता है पर उसका फ़ल मीठा होता है। संकट के समय धैर्य धारण करना ही मानो आधी लड़ाई जीत लेना है।

 

परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज  

 

The person who endures through hard times aquires that which he desires.  Endurance through hard times is bitter and harsh but the  results are sweet. Being patient during hard times is winning half of the battle.


 

Translated by Humble Devotee
Praveen Verma
 

उस गुरु को नमन









शूल को जो फूल बनादे ,



उस गुरु को नमन !


फूल को चंदन बना दे ,


उस गुरु को नमन !


पथ भ्रमित दर दर


भटकते राही को जो ,

प्रभु सन्किट कर दे ,

उस गुरु को नमन !

Sunday, November 28, 2010

त्याग





त्याग जीवन जीने की अनुपम विद्या हे !जो व्यक्ति श्रधा और आस्था को अपने भीतर समेटकर समर्पण से कार्य करता हे वही सच्चे अर्थों में त्यागी हे ,तपस्वी हे और प्रभु का प्यारा हे ! त्याग एक ऐसा पुष्प हे जिसकी सुगन्ध कभी मलिन नहीं होती !

पिघलना मत

किसी की प्रशंसा , स्तुति से पिघलना मत एवं किसी के द्वारा की गई आलोचना से उबलना मत ,बहकाने से बहकना मत और भ्रम के अंधेरों में भटकना मत ,आलोचना आत्म संशोधन में सहायता पहुंचाती हे एवं विवेक बुद्धि को जागृत रखती हे !

Saturday, November 20, 2010

guruji ki aarti

Om Jai Gurudev harey, Swami Jai Gurudev harey,
Danya Tumharo darshan, naina tum bin tarsan
Man vani say parey, Om jai Gurudev harey.
Karuna sagar teri mahima hai niyari
Swami mahima hai niyari
Sakal jagat kay Swami, Akhil Vishwa kay Swami,
Hum hai balihari,
Om jai Gurudev harey.
Naam Sudhanshu hai tumhara, Jag taran hara
Swami jag taran hara,
Prem say joh bhee dhiyayeh,
Nish dinh joh bhi dhiyayeh
Kasht mitey sara,
Om jai Gurudev harey.
Deena naath daya kay sagar,
Hain mangal kari
Swami hain mangal kari,
Shardha bhakti badao,
Bhakti ki shakti badao,
Sab jag hithkari,
Om jai Gurudev harey.
Hum balak tum palak,
Aaye sharan teri,
Swami aaye sharan teri,
Tum bin aur naa koyi,
Aas kaarey jis key.
Om jai Gurudev harey.
Agyaan andher mitaya,
Purna prakash kiyah
Swami purna prakash kiyah,
Bhakti kah marg dikhaya,
Hirdaya Prabhu say milaya,
Ati aananda diya,
Om jai Gurdev harey.
Paapachar mitakar,
Sant mat dikhlaya,
Swami sant mat dikhlaya,
Apni sharan mein leykar
Dharya stapna deykar,
Sanshay door kiya,
Om jai Gurudev harey.
Achey karam sey apne,
Tum samrooh paya
Swami tum samrooh paya,
Gyaan kah deep jalayah,
Jeevan swarg banaya,
Jag udhaar kiya,
Om jai Guru dev harey.
Jai Gurudev harey,
Swami jai Gurudev harye
Dhanya tumharo darshan
Naina tum bin tarsan,
Man vani sey parey
Om jai Gurudev harey, Om jai Gurudev harey

हर दिन

हर दिन नया उपहार लेकर आता हे ,द्वार पर ठहरता हे और प्रतीक्षा करने के बाद चला जाता हे ! अगर उसके स्वागत के लिए तुम तैयार हो तो वह उपहार प्रदान करता हे , नहीं तो बहूमूल्य उपहार वापिस ले कर चला जाता हे !

Friday, November 19, 2010

नदी के दोनों

जिसे दिन और रात ,जन्म और मरण याद हे ! आना और जाना स्मरण हे ,सयोग-वियोग का जिसे आभास हे , पाना खोना ,लेना देना ,मान-अपमान ,उन्नति-अवनति आदि नदी के दोनों किनारों को जिसने देख लिया हो उसे कभी जीवन में निराशा नहीं होती!

Sunday, November 14, 2010

Fw: [GURUVANNI Good Thoughts by Pujay SUDHANSHUJI Maharaj] REVISED MUMBAI SATSANG...

----- Original Message -----
Sent: Sunday, November 14, 2010 1:12 PM
Subject: [GURUVANNI Good Thoughts by Pujay SUDHANSHUJI Maharaj] REVISED MUMBAI SATSANG...

                                         REVISED MUMBAI SATSANG PROGRAMME
Bhakti Satsang at
Vardanlok Asharam,Mumbai, Kajupada -Ghodbunder Road Distt Thane,
from 10th to 12th Dec  ,
By H H Pram.Pujay Acharya Shree Sudhanshuji Maharaj ,
Timing 10th Dec evening 4.30 to 7.00 pm,
11th Dec morning 8.00 to12.30 noon Dhyansadhana 
and evening
4.30 to 7.00 pm,
 12th Dec 10 ,Time 9.00 A.M to 12.30 am
mantradiksha
afterward satsang

--


--
Posted By Madan Gopal Garga to GURUVANNI Good Thoughts by Pujay SUDHANSHUJI Maharaj at 11/14/2010 01:09:00 PM

Tuesday, November 9, 2010

निराश मत होना

निराश मत होना
निराशा हमारे सामर्थ्य को तोडती है ,निराशा हमारी वीरता को ललकारती है ! निराशा जब भी आयेगी ऊर्जा शक्ति काम नहीं करेगी ,निराशा का प्रभाव सदैव हमारी बुध्दि पर होता है ,हमारी समझ काम नहीं कर पाती कि क्या करें क्या न करें ! निराशा जब भी आयेगी दिग- भ्रमित करेगी ,हम चौराहे पर खडे हो जायेगे हमें यही नही समझ आयेगा किधर जाएं -आगे या पीछे दांये या बायें ॰

Monday, November 8, 2010

ध्यान

हम हमेशा आधे रहते ह्रें आधे यहां और आपका ध्यान कहीं और रहता हे जो भी करो ऐक ध्यान से करो !

Sunday, November 7, 2010

भक्ति

गिरतों को उठाओ ,रोतों को हंसाओ ,दुखियों के दुख दूर करो ,कमज़ोर का सहारा बनो ,सत्य पर चलो , निर्धन के धन बनो , यही हे भक्ति

Wednesday, November 3, 2010

पूजा

पूजा को कर्म मत बनाओ कर्म को पूजा बनाओ !


अपने विचारों पर विजय प्राप्त करो !

Tuesday, November 2, 2010

अच्छाई

अच्छाई
 
कोई चीज़ में न अच्छाई हे न बुराई हे मन के हिसाब से जब मन को अच्छा लगे तो अच्छा हे जब मन को बुरा लगे तो बुरा हे !

Saturday, October 30, 2010

Fw: अमृत वचन

----- Original Message -----
From: vjm na
subject: अमृत वचन

आज का काम भलीभान्ति पूरा करने के अलावा बाकी समस्त महत्वाकांक्षाओं को त्याग दो। सफ़लता के मार्ग पर चलने वाले वर्तमान में जीते हैं वे कल की नहीं सोचते। आपके हाथ में जो समय है उसे सँभालना है। जो बीत गया है उसकी बात नहीं करना।

परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज  

Give up all aspirations, except fulfilling today's goals and duties well. People who are on the way to success live in the present and do not fixate about tomorrow.  Safeguard the time you have in your hands.  Do not talk or ruminate about the past - that time is gone.


Translated By Humble Devotee
Praveen Verma
 


Thursday, October 28, 2010

खुशी

खुशी
भगवान ने मनुश्य को बहुत दिया पर सब कुछ नहीं दिया! जो दिया हे उस में खुश रहो जो नहीं दिया उस का दुख मत मनाओ !

Wednesday, October 13, 2010

शान्ति एव सौहार्द की प्रतिमूर्ति हैं सदगुरु

DELHI (VISHWAJAGRITI MISSION ): शान्ति एव सौहार्द की प्रतिमूर्ति हैं सदगुरु: "शान्ति एव सौहार्द की प्रतिमूर्ति हैं सदगुरु समाचार चैनलोंका आज भारी बोलबाला है , ऐसा लगता है कि किसी की भी पगड़ी उछालने का उनके पास अधिकार ह..."

Tuesday, October 12, 2010

Guruji aagami programes

GURUVAR SUDHANSHUJI MAHARAJ: Fw: Guruji aagami programes: "Subject: Guruji aagami programes October 8-10 Jaipur Rajasthan October 20-24 Ganesh Laxmi Yagya A D Ashram Delhi 22 october 2010..."

Monday, October 11, 2010

पूज्य श्री सुधांशुजी महाराज का विनम्र निवेदन

पूज्य श्री सुधांशुजी महाराज का विनम्र निवेदन
मुझे जो आज तक न्यूज चैनल से कहना था उनके समक्ष कह दिया था ! इस चर्चा को अधिक विस्तार न दिया जाए ! सत्य के लिए आग्रह होना चाहिए परन्तु आवेश नहीं ! हमने अपनी बात वरिष्ठ पत्रकारों के सम्मुखरख दी वे अपना उत्तरदायित्व समझते हें ! सम्भवत:ये ध्यान रखा ही जाएगा कि सबको एक तराजु में न तोला जए ! भक्तों से आग्रह है शांत रहकर सर्वमगल प्रार्थना करें और विवेक न खोएं1

Tuesday, October 5, 2010

हरी ॐ



प्याली पे प्याली पीने से क्या होगा

रात को पी, सुबह उतर जाएगी।

बस प्रभु नाम की प्याली पी,

तेरी साड़ी ज़िन्दगी संवर जाएगी।

Thursday, September 30, 2010

Fw: bhaagy


बीज सदैव धरती के भीतर होता है। वह कभी दिखाई नहीं देता लेकिन उसी के भीतर से एक विशाल वृक्ष का सृजन होता है। यदि एक स्वप्न एक आशा का बीज आप अपने मन में उत्पन्न कर लें और निरन्तर उसे पोषण प्रदान करें तो एक न एक दिन वह अवश्य ही उपलब्धि बनकर आपके पास खडा़ हो जाएगा।

 
परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज  


A seed is always found under the ground and not visible to the eye.  With care and nourishment a seed can develop and grow into a huge tree. If you can generate a seed consisting of one dream or one hope and constantly nurture that seed, then one day it can definitely become a large achievement, visible to all.

( Please do share with friends. It is a good thing to do.)

Translated by Humble Devotee
Praveen Verma


 

Saturday, September 25, 2010

दोनों का मिलन ही भाग्य है

Sent: Thursday, September 16, 2010 7:38 AM
Subject: अमृत वचन
भाग्य क्या है ? अवसर और तत्परता, दोनों का मिलन ही भाग्य है। जो अवसर को पह्चान ले और तत्परता से पकड़ ले, बस समझ लीजिए भाग्य हाथ में आ गया। अवसर को ढूढिए, अवसर को पहचानिए और तत्परता से फ़ायदा उठI लीजिए, नहीं तो वो लौट के आने वाला नहीं है। 
परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज   
What is destiny ? The combination of opportunity and eagerness is destiny. Those who can identify an opportunity and take advantage of it with eagerness, can reach their full potential and their destiny. Search for opportunities, recognize them and take advantage of them with eagerness because once an opportunity is gone it will not come back.

Translated by Humble Devotee
Praveen Verma

Guruvar ka Jaipore progmm

----- Original Message -----
From: mggarga
Sent: Saturday, September 25, 2010 11:50 AM
Subject: Fw: Re:

Sent: Saturday, September 18, 2010 11:53 AM
Subject: Guruvar ka Jaipore progmm.
Guruvar will come atJaipur On 8th oct 10.  Parvachan will be from 8th oct to 10thoct 10.
Time-
Date                   Morning                   Evening
8.10.2010        ---------                    5.30 to 8.00 
9.10.2010        8.30 to 11.00             5.30 to 8.00 
10.10.2010      8.30 to 11.00             5.30 to 8.00  
Venue-  JAI UDHYAN OPP. GOVINDDEVJI MANDIR JAIPUR   
          


दूसरों के दोष ढूंढने में

----- Original Message -----
From: vjm na
Sent: Friday, August 20, 2010 2:26 AM
Subject: अमृत वचन

दूसरों के दोष ढूंढने में अपनी शक्ति का अपव्यय मत करो। अपने आप को ऊँचा उठाने का हर सम्भव प्रयास जारी रखो, उसे कम न होने दो।

हर किसी में अच्छाई को ढूंढो, उससे कुछ सीखकर अपना ज्ञान और अनुभव बढाओ। इससे तुम बहुत जल्दी ऊँचाई तक पहुँच सकते हो।



परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज  



Do not waste your energy in finding faults in others.  Instead, make every possible effort to stand out or shine yourself.

Find excellence in everybody. Using the knowlege you gain from this mindset, you can reach great heights in a short amount of time
.



Translated by Humble Devotee
Praveen Verma


VJMNA
Chicago, IL

आदमी का अन्तःकरण स्वच्छ

----- Original Message -----
From: vjm na
Sent: Thursday, August 26, 2010 7:42 PM
Subject: अमृत वचन

आदमी का अन्तःकरण स्वच्छ होना चाहिए । यदि हम खुद अच्छे हैं तो दुनिया अच्छी है। यदि हम बुरे हैं तो दुनिया हमारे लिए बुरी ही साबित होगी। दूसरों की अच्छाई तो देखो पर बुराई न देखो, वरना दुनिया हमारे लिए बुरी ही होगी।


परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज  

A person's conscious should be clear and clean. If we are good then the world is good. And if we are bad then the world will prove to be bad for us. Be good and see goodness in others, this will ensure a good world for all.

Translated by Humble Devotee
Praveen Verma


VJMNA
Chicago, IL

Fw: अमृत वचन

 
----- Original Message -----
From: vjm na
Sent: Thursday, September 02, 2010 10:40 PM
Subject: अमृत वचन

जीवन की सम्पूर्णता है आनन्द और आनन्द परमात्मा का ही एक रूप या एक नाम है जिसे सच्चिदानन्द कहा जाता है। हमारा जन्म परमात्मा से मिलने के लिए ही हुआ है और इसी उद्देश्य को लेकर हम दुनियाँ में आए हैं । वस्तुतः जीवन एक अवसर है परमात्मा से मिलने के लिए।  

 

परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज  

 
Life's completeness is bliss and bliss is one of the God's name and form which is called "existence-consciousness-bliss" .  The purpose or goal of our birth is to unite with God.   To fulfill this goal, we must lead a complete life and ulitize our opportunity to unite with God. 
 

 
Translated by Humble devotee
Praveen Verma


VJMNA
Chicago, IL


Fw: अमृत वचन



Sent: Thursday, September 23, 2010 6:39 AM
Subject: अमृत वचन

जीवन संगीत है। सुर से बजाओगे तो बहुत अच्छा है, मधुर है और अगर सुर से भूल गए तो शोर है जीवन
और उसको खुद भी नहीं सुन पाओगे दूसरे तो क्या सुनेगें ।

परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज  


Life is filled with music. When the music is in tune, life is melodious and sweet. However, when the music is out of tune it just becomes noise. No one will be able to listen, not even you.
Life is a challenge. Everyday we face new challenges. When we face a challenge with courage, we benefit from the rewards we reap.


Translated by Humble Devotee
Praveen Verma





जीवन है चुनौती । नित नई नई चुनौती बनकर सामने आती हैं । जब आप बहादुर होकर चुनौती को स्वीकार करते हैं
तो वो कुछ न कुछ देकर ही जाएँगी, कुछ लाभ देंगी ।

Wednesday, September 15, 2010

satsang in Mumbai


Good News

Satsang of Guruji finalised in mumbai from
 9th Dec to 12th Dec

Nischit

Mggarga

Friday, September 10, 2010

गुरू का नाम जपता जा




गुरू का नाम जपता जा तेरे पाप कटेंगे !

गुरू का मंत्र जपता जा तेरे पाप कटेंगे !

गुरू से नेह बढ़ा तेरे पाप कटेंगे !

गुरू को ह्रदय में बैठा तेरे पाप कटेंगे !

गुरू चरणों में ध्यान लगा तेरे पाप कटेंगे !

गुरू बाणी में रम जा तेरे पाप कटेंगे !

गुरू को मन में बसा तेरे पाप कटेंगे !

गुरू सेवा में देह लगा तेरे पाप कटेंगे !

गुरू कार्य में धन लगा तेरे पाप कटेंगे !

गुरू धाम के दर्शन कर तेरे पाप कटेंगे !

कहे मदन गोपाल तू गुरू का कहना मान मेरे भाई

तेरे पाप कटेंगे !

Saturday, September 4, 2010

Fw: Guruji aagami programes








Subject: Guruji aagami programes




October 8-10 Jaipur Rajasthan
October 20-24 Ganesh Laxmi Yagya A D Ashram Delhi
22 october 2010 purnima darshan
27 to 31 october 2010, Ludhiana,Punjab
17 to 21 november 2010,Bhopal,Madhya Pradesh Purnima darshan
1 to 5 december 2010 ,Chandigarh,haryana
10 to 12 December 2010,Mumbai, Maharashtra.
24 to 26 December ,2010, kolcatta,west Bengal
6 to 9 January,2011 , Nagpur Maharashtra.
21 to 23 Januart 2011, Haiderabad,Andhra Pradesh.
28 to 30 Jan.2011 ,Surat Gujrat.







Friday, September 3, 2010

Fw: [GURUMATA] बेटी के सुखी जीवन के लिए

 
----- Original Message -----
Sent: Thursday, September 02, 2010 3:51 PM
Subject: [GURUMATA] बेटी के सुखी जीवन के लिए

बेटी के सुखी जीवन के लिए
* ससुराल पक्ष के लोग और उसके पति को उनकी आदतें,
स्वभाव , रुचियाँ समझने और उनके साथ तालमैल मिलाने का अवसर है !
* हर बात में बेटी का पक्ष न लें ! उसे त्याग ,समर्पण ,सहयोग ,
एवं प्रत्येक के साथ मधुर व्यवहार की शिक्षा दें !
* ससुराल वाले बहू को बेटी मानें यह बहुत अच्छा हे लेकिन
बहू ससुराल में स्वंय को बेटी मानने की भूल कभी न करे !
*क्योकि बेटी अपने माता पिता के घर में माता-पिता और भाइ -बहन इत्यादि से अपेक्षा और अपने कार्य के प्रति उपेक्षा रखे तो चलता है लकिन ससुराल में यही अपेक्षा और उपेक्षा भारी कष्ट का कारण बनती है !
* अगर किसी से कोई कठोर बात कहने की आवश्यकता पडे यो उसे मधुर शब्दों में ही कहना चाहिए !
* पति के घर में सबकुछ पिता के घर जैसा कभी नही होता !
इसलिए बेटी को ससुराल में ससुराल की परिस्थितियां ,वहां क्र अभाव -प्रभाव ,लोकरीति,व्यवहार ,रीति तथा कुल परम्पराओं के अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा दें !
*अगर कोई अच्छी बात अच्छी आदत को बेटी वहां के लोगों में
डालना चाहती हे तो बडी सावधानी ,धैर्य एवं धीरे धीरे और उसका स्वयं आचरण करके प्रारंभ करे अन्यथा वहां के लोगो का अहंइसे सहन नहीं कर पायेगा!
*पति को उसके माता पिता ,भाई बहन के प्रति दायित्वों से विमुख करने का प्रयास कभी न करें इससे मनों में कटुता आती है !
*स्त्री पर तीन कुलों के निर्माण का दायित्व होता है उसे इस गरिमा को कभी नहीं भूलना चाहिए !
*इस महान कार्य की पूर्ति वह प्रेम ,सहनशीलता सदव्यवहार ,सदाचरण एवं त्यागपूर्ण जीवन से ही कर सकती हैं !
धर्मदूत जुलाइ 2010 से !


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Madan Gopal Garga द्वारा GURUMATA के लिए 9/02/2010 03:48:00 PM को पोस्ट किया गया

Saturday, August 28, 2010

जीवन


जीवन एक यात्रा है जो एक न एक दिन समाप्त हों जाएगी !


जीवन को जीना है निभाना नहीं है हंस कर जल्दी कट जायगी रोने से नहीं कटपाएगी !

Thursday, August 26, 2010

अमृत वचन


----- Original Message -----
From: vjm na
To: vjmna
Sent: Thursday, August 26, 2010 7:42 PM
Subject: अमृत वचन


आदमी का अन्तःकरण स्वच्छ होना चाहिए । यदि हम खुद अच्छे हैं तो दुनिया अच्छी है। यदि हम बुरे हैं तो दुनिया हमारे लिए बुरी ही साबित होगी। दूसरों की अच्छाई तो देखो पर बुराई न देखो, वरना दुनिया हमारे लिए बुरी ही होगी।

परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज

A person's conscious should be clear and clean. If we are good then the world is good. And if we are bad then the world will prove to be bad for us. Be good and see goodness in others, this will ensure a good world for all.

Translated by Humble Devotee

Praveen Verma




Tuesday, August 17, 2010

news letter Sadguru Time- new














news letter Sadguru Time- new
Message from akhileshkapoormanali@gmail.com:





MY GURU IS
MY TREASURE
News Flash!
Delhi 25-JULY-2010

DEVOTEES AROUND THE WORLD CELEBRATED GURU POORNIMA

GURUPURNIMA parva was celebrated at Delhi from 23rd to 25th july 2010. Devotees from all over the world flew to Delhi to celebrate this years poornima festival.
On the Gurupoonam day there was no space to put a feet in the pandal area. Devottes were very eager to seek bleesings and Darshan of their Guru and were lined up since 4 am. Darshan started from 8 am
Jhanwar,Jaikclelebraterishan Jindal along with all the mandal members received His Holiness o standSudhanshu ji Maharaji. Satsang at Pune was held at Sidhi Gardens on 2nd Julys evening and Gurudarshan programme was organised on 3rd July from 9 am onwards. More than 15000 devotees received blessings from Maharaj Shree.m
After satsang bhandara parsad was distributed among all the devotees.

POORNIMA AT Shiv Dham Ashram PANCHKULA on 15th JULY 2010

Panchkulas Shiv Dham Ashram was beautifully decorated to celebrate Guru Poornima Mahtosava 2010. It was raining heavily since early morning. Despite heavy shower pandal was over flowing with the devotees. Vishwa jagriti Missions President Sh. S.K.Gupta ji, along with panchkula Mandal President Smt. Sudesh Gupta, and all committee members welcomed maharaj shree at Ashram. Around 20,000 devotees took blessings from Maharaj Shree. Darshan and Satsang programme was followed by the bhandara.

Salute :-3 Devotees avove 50 years walked 1100 Km to Anand DhamAshram Delhi for 50 days to seek blessings and Darshan. MORE



POORNIMA MAHOTSAV AROUND THE WORLD !
Guru Poojan at Delhi
Maharaj shree being welcomed by VJM overseas at Delhi
Guru Charan Poojan by S.K.Gupta ji and family at Chandigarh

Upcoming Events

SATSANG

At Karnal :- 8 August 2010, Haritage lawn Sector- 5 Karnal

At Ananddham Ashram Delhi :-

Indipendence Day 15 August 10 Am

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Maharaj Shree On TV
Sony TV : Mon-Thursday 6:30 to 6:50 am
Sanskar Daily 6:50 to 7:10am
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Dharmdoot

GURU POORNIA GLIMPSES


Edited by:-Akhilesh Kapoor


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Madan Gopal Garga द्वारा GURUVAR SUDHANSHUJI MAHARAJ के लिए 8/16/2010 09:29:00 PM को पोस्ट किया गया