- दुखों को सहने की शक्ति हो और उलझनों को सुलझाने की सुबुधि हों वह मालामाल है !
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Tuesday, February 10, 2015
दुखों को सहने
Sunday, February 8, 2015
प्रभु कृपा से मिलती
"जिस जिन्दगी में शान्ति नहीं हें वो कुछ भी कर ले वो अधूरा इन्सान हें। शान्ति से ही विकास होता है।
आप जिन्दगी में अगर किसी को महत्व दें तो मन की शान्ति को महत्व दीजिए
और वो प्रभु कृपा से मिलती है, सदगुरु की शरण से मिलती है।"
आप जिन्दगी में अगर किसी को महत्व दें तो मन की शान्ति को महत्व दीजिए
और वो प्रभु कृपा से मिलती है, सदगुरु की शरण से मिलती है।"
Saturday, February 7, 2015
भगवान को
- भगवान को भूलना मत ,
- सत्य को छोड़ना मत ,
- संपति से फूलना मत ,
- विपत्ती मैं मुरझाना मत ,
- परमार्थ सेवा कराने से रुकना मत !
Friday, February 6, 2015
मनुष्य की यही महिमा
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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज
"मनुष्य की यही महिमा हें कि वह स्वतन्त्र हें कर्म करने में और न करने में भी वह स्वतन्त्र हें और यही उसका विषाद भी हें । मनुष्य गलत करने में भी स्वतन्त्र हें । स्वतन्त्रता में गलत और सही दोनों की स्वतन्त्रता हें ।"
Thursday, February 5, 2015
दुनियाँ में चाहे कोई
"जंगल का राजा सिंह सबसे ज्यादा पराक्रमी, बलशाली और शक्तिशाली होता हें । इतना सामर्थ्यवान होने के बाद भी
उसके मुख में शिकार अपने आप आकर नहीं गिरता। उसे भी उठकर परिश्रम करना पड़ता हें ।
दुनियाँ में चाहे कोई कितना भी समर्थ हें या असमर्थ हें, निर्बल या बलशाली हें, हर एक को परिश्रम करना पड़ेगा,
अगर वह सफलता प्राप्त करना चाहता हें"।
उसके मुख में शिकार अपने आप आकर नहीं गिरता। उसे भी उठकर परिश्रम करना पड़ता हें ।
दुनियाँ में चाहे कोई कितना भी समर्थ हें या असमर्थ हें, निर्बल या बलशाली हें, हर एक को परिश्रम करना पड़ेगा,
अगर वह सफलता प्राप्त करना चाहता हें"।
Wednesday, February 4, 2015
पैसे से
- पैसे से आप बिसतर खरीद सकते हैं नींद नहीं
पैसे से आप भोजन खरीद सकते हैं भूख नहीं
पैसे से आप आदमी खरीद सकते हैं वफादारी नहीं
पैसे से आप दवा खरीद सकते हैं सवासथ नहीं
पैसे से आप किताब खरीद सकते हैं ज्ञान नहीं
पैसे से आप पाउडर खरीद सकते हैं सुन्दरता नहीं
पैसे से आप औरत खरीद सकते हैं पत्नी नहीं
पैसे से आप शस्त्र खरीद सकते हैं होसला नहीं
पैसे से आप मूर्ती खरीद सकते हैं भगवान नहीं
पैसे से आप सुख साधन खरीद सकते हैं शांति नहीं
Tuesday, February 3, 2015
Fwd: [AMRIT VANI ] आनन्द के फूल
आनन्द के फूल

--
Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 2/02/2015 09:49:00 am को पोस्ट किया गया
परम पूज्य सुधांशुजी महाराज
- पूज्यश्री का कथन है -अपने जीवन को ऐसा संवारें की हर दिन होली और हर रात दिवाली बन जाए ! अर्थात आपकेजीवन में खुशी ,प्रेम व् आनन्द के फूल खिले और ज्ञान की ज्योति से जगमगाते रहें ! जो भी जीवन में आया हे उसे आनन्द के साथ बिताएं !सब अपने जीवन में रस और सुगंध को खोजें और उसे खुलकर आनन्द के साथ सबको लुटा दें ! जिससे जीवन के बयार बसंत की बहार बन जाए ! हर इंसान में आ जाएँ खुशी की कलियाँ ,उनमें खिल जाएँ आनन्द के फूल चारों और छा जाए प्रेम की सुगंध !
--
Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 2/02/2015 09:49:00 am को पोस्ट किया गया
Fwd: [GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL] दुनियाँ में चाहे कोई
दुनियाँ में चाहे कोई
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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL at 2/03/2015 10:52:00 AM
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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज
"जंगल का राजा सिंह सबसे ज्यादा पराक्रमी, बलशाली और शक्तिशाली होता हें । इतना सामर्थ्यवान होने के बाद भी
उसके मुख में शिकार अपने आप आकर नहीं गिरता। उसे भी उठकर परिश्रम करना पड़ता हें ।
दुनियाँ में चाहे कोई कितना भी समर्थ हें या असमर्थ हें, निर्बल या बलशाली हें, हर एक को परिश्रम करना पड़ेगा,
अगर वह सफलता प्राप्त करना चाहता हें"।
उसके मुख में शिकार अपने आप आकर नहीं गिरता। उसे भी उठकर परिश्रम करना पड़ता हें ।
दुनियाँ में चाहे कोई कितना भी समर्थ हें या असमर्थ हें, निर्बल या बलशाली हें, हर एक को परिश्रम करना पड़ेगा,
अगर वह सफलता प्राप्त करना चाहता हें"।
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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL at 2/03/2015 10:52:00 AM
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