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Saturday, November 20, 2010

हर दिन

हर दिन नया उपहार लेकर आता हे ,द्वार पर ठहरता हे और प्रतीक्षा करने के बाद चला जाता हे ! अगर उसके स्वागत के लिए तुम तैयार हो तो वह उपहार प्रदान करता हे , नहीं तो बहूमूल्य उपहार वापिस ले कर चला जाता हे !

Friday, November 19, 2010

नदी के दोनों

जिसे दिन और रात ,जन्म और मरण याद हे ! आना और जाना स्मरण हे ,सयोग-वियोग का जिसे आभास हे , पाना खोना ,लेना देना ,मान-अपमान ,उन्नति-अवनति आदि नदी के दोनों किनारों को जिसने देख लिया हो उसे कभी जीवन में निराशा नहीं होती!

Sunday, November 14, 2010

Fw: [GURUVANNI Good Thoughts by Pujay SUDHANSHUJI Maharaj] REVISED MUMBAI SATSANG...

----- Original Message -----
Sent: Sunday, November 14, 2010 1:12 PM
Subject: [GURUVANNI Good Thoughts by Pujay SUDHANSHUJI Maharaj] REVISED MUMBAI SATSANG...

                                         REVISED MUMBAI SATSANG PROGRAMME
Bhakti Satsang at
Vardanlok Asharam,Mumbai, Kajupada -Ghodbunder Road Distt Thane,
from 10th to 12th Dec  ,
By H H Pram.Pujay Acharya Shree Sudhanshuji Maharaj ,
Timing 10th Dec evening 4.30 to 7.00 pm,
11th Dec morning 8.00 to12.30 noon Dhyansadhana 
and evening
4.30 to 7.00 pm,
 12th Dec 10 ,Time 9.00 A.M to 12.30 am
mantradiksha
afterward satsang

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Posted By Madan Gopal Garga to GURUVANNI Good Thoughts by Pujay SUDHANSHUJI Maharaj at 11/14/2010 01:09:00 PM

Tuesday, November 9, 2010

निराश मत होना

निराश मत होना
निराशा हमारे सामर्थ्य को तोडती है ,निराशा हमारी वीरता को ललकारती है ! निराशा जब भी आयेगी ऊर्जा शक्ति काम नहीं करेगी ,निराशा का प्रभाव सदैव हमारी बुध्दि पर होता है ,हमारी समझ काम नहीं कर पाती कि क्या करें क्या न करें ! निराशा जब भी आयेगी दिग- भ्रमित करेगी ,हम चौराहे पर खडे हो जायेगे हमें यही नही समझ आयेगा किधर जाएं -आगे या पीछे दांये या बायें ॰

Monday, November 8, 2010

ध्यान

हम हमेशा आधे रहते ह्रें आधे यहां और आपका ध्यान कहीं और रहता हे जो भी करो ऐक ध्यान से करो !

Sunday, November 7, 2010

भक्ति

गिरतों को उठाओ ,रोतों को हंसाओ ,दुखियों के दुख दूर करो ,कमज़ोर का सहारा बनो ,सत्य पर चलो , निर्धन के धन बनो , यही हे भक्ति

Wednesday, November 3, 2010

पूजा

पूजा को कर्म मत बनाओ कर्म को पूजा बनाओ !


अपने विचारों पर विजय प्राप्त करो !

Tuesday, November 2, 2010

अच्छाई

अच्छाई
 
कोई चीज़ में न अच्छाई हे न बुराई हे मन के हिसाब से जब मन को अच्छा लगे तो अच्छा हे जब मन को बुरा लगे तो बुरा हे !